छुईखदान। समीपस्थ ग्राम बुढ़ानभाठ में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी भोजली महोत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। महोत्सव में ग्रामीणों के साथ महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पारंपरिक लोक संस्कृति और आपसी भाईचारे से जुड़े इस आयोजन को लेकर पूरे गांव में उत्साह का माहौल रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष देवराज किशोर दास वैष्णव शामिल हुए। महोत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बच्चों ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में मनमोहक नृत्य की प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का आयोजन जय अंबे ट्रैक्टर के संचालक लक्ष्मी चंदेल एवं ग्राम के सामाजिक बंधुओं के सहयोग से किया गया।
मित्रता और भाईचारे का प्रतीक है भोजली
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवराज किशोर दास वैष्णव ने कहा कि भोजली छत्तीसगढ़ की मित्रता की नींव और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। भोजली के माध्यम से लोग अपने प्रियजनों और नजदीकी लोगों के साथ मित्रता का रिश्ता कायम करते हैं। यह रिश्ता केवल पर्व तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जीवनभर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि भोजली छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सामाजिक एकता को मजबूत करता है भोजली पर्व
ग्राम पंचायत एटीकसा के सभापति दीपक वैष्णव ने कहा कि भोजली ग्रामीण अंचल का महत्वपूर्ण लोकपर्व है, जो लोगों के बीच प्रेम, मित्रता, सहयोग और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बुढ़ानभाठ के उपसरपंच आत्मा चंदेल, सचिव सुरेश तारक, लाल चंदेल, रामकुमार चंदेल, देवा, भगवानी, जितेंद्र, गुलशन, श्यामा, नीलकंठ, पटवारी खेमलाल चंदेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने महोत्सव की रौनक बढ़ा दी। ग्रामीणों ने आगामी वर्षों में भोजली महोत्सव को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया।



