खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (छत्तीसगढ़)।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के ग्राम पंचायत अवेली में शासकीय भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने वर्तमान सरपंच के पुत्र पर मनमानी और अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत अवेली की सरपंच श्रीमती दुर्गा बाई सेन, उनके पति भरतलाल सेन एवं पुत्र नरेन्द्र सेन द्वारा लगभग 20 डिस्मिल शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान निर्माण एवं बाड़ी बना ली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि शासकीय है और उस पर निजी कब्जा किया गया है।
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वहीं, आरोप है कि सरपंच पुत्र नरेन्द्र सेन द्वारा गांव के अन्य लोगों—ईश्वरी लाल, महेश, धनेश (पिता हुकुम लाल साहू), कोमल (पिता भिखारी), रामकुमार (पिता नंदू साहू) आदि—को शासकीय कोठार भूमि से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, उक्त भूमि आवासीय क्षेत्र में आती है और वहां तालाब निर्माण की योजना बनाई जा रही है, जिसका ग्रामवासी और पंचायत के कई पंच विरोध कर रहे हैं।
ग्रामवासियों का कहना है कि यदि सरपंच परिवार पहले 20 डिस्मिल शासकीय भूमि से अपना कब्जा हटाए, तो अन्य लोग भी स्वेच्छा से भूमि खाली करने को तैयार हैं। उनका आरोप है कि एकतरफा कार्रवाई कर दबाव बनाया जा रहा है, जो उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सरपंच पुत्र की कथित मनमानी पर रोक लगाई जाए और उचित कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में डोरेलाल साहू, पंच तिरथ, शिवलाल, कुहुक लाल, दानी राम, पार्वती, पुनेश्वरी पटेल, चमेली, फुलेश्वरी साहू, कीर्तन, कमल कलेन्द्र, महेश, धनेश, रामकुमार सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।


