खैरागढ़ के पैलीमेटा नर्मदा रोड पर बने गहरे गड्ढों ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क पर बने इन गड्ढों की वजह से अब तक कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के दुकानदारों और ग्रामीणों ने सामुदायिक सहभागिता का परिचय देते हुए अपने खर्च पर सीमेंट और गिट्टी डालकर गड्ढों की अस्थायी मरम्मत करवाई। यह कार्य उस विभाग की जिम्मेदारी थी, जिसके पास सड़क रखरखाव का दायित्व है, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते जनता को स्वयं आगे आना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि केसीजी जिले में शासन-प्रशासन पूरी तरह गूंगा-बहरा बना हुआ है। लोगों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है, जबकि जिले की सड़कों की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़कें जर्जर हालत में हैं। वहीं, कुछ जगहों पर मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाकर कार्य अधूरा छोड़ देने के भी आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पैलीमेटा नर्मदा रोड के गड्ढों को लेकर वे कई बार संबंधित विभाग से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। आखिरकार मजबूर होकर जनता ने खुद ही पहल की।
इस सामुदायिक मरम्मत कार्य में नेहरू जंघेल, संतराम सेन, अचनलाल प्रजापति, कामराज जंघेल, यशवंत साहू, खेमलाल, मोहनू साहू, आसाराम साहू, हरेश्वर जंघेल, देवा साहू, केमेश साहू, हेमंत जंघेल, दिनेश जंघेल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़क की स्थायी मरम्मत जल्द करवाई जाए और बजट के दुरुपयोग की जांच हो, ताकि भविष्य में जनता को इस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क सुधारने पर मजबूर न होना पड़े।


