खैरागढ़। खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जालबांधा में शासकीय भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन और पंचायत की संयुक्त कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। पंचायत द्वारा पूर्व में पारित प्रस्ताव और नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटने पर प्रशासन बुलडोजर और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। हालांकि, समझाइश और बातचीत के बाद फिलहाल कार्रवाई स्थगित कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पंचायत क्षेत्र की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा नए अतिक्रमण पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद पंचायत ने कई लोगों को अवैध निर्माण रोकने और शासकीय भूमि से कब्जा हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए थे। पंचायत का कहना है कि नोटिस के बावजूद अधिकांश लोगों ने निर्देशों का पालन नहीं किया।
इसी क्रम में अतिरिक्त तहसीलदार आशीष कुमार देवहरी, पटवारी, सरपंच, सचिव एवं पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंचे। इस दौरान एक अतिक्रमणकर्ता ने प्रशासन से कहा कि यदि गांव के सभी अवैध कब्जों पर एक साथ कार्रवाई की जाएगी, तभी वह भी अपना कब्जा हटाएगा। इसके बाद प्रशासन और संबंधित लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा हुई।
ग्राम पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित लोगों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ और समय दिया गया है। फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जालबांधा में शासकीय भूमि पर कई स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि क्या सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई होगी या नहीं।
ग्राम पंचायत का मानना है कि यदि समय रहते शासकीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को नहीं रोका गया, तो भविष्य में ग्राम विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पंचायत ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग दोहराई है।

