कृषि विभाग की जांच में खुल सकते हैं बड़े राज
खैरागढ़। जिले में कृषि विभाग की लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई से खाद-बीज कारोबारियों और कृषि केंद्र संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। खासकर बाजार अतरिया क्षेत्र में अवैध रूप से खाद और कीटनाशक बेचने वाले व्यापारियों पर विभाग की नजर तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में क्षेत्र में भारी मात्रा में खाद की खेप पहुंची है, जबकि कई व्यापारी बिना वैध लाइसेंस के ही खुलेआम खाद-बीज का कारोबार कर रहे हैं।
बीते दिनों खैरागढ़ के सिंघौरी में कृषि विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में एक व्यापारी के घर से करीब 600 बोरी खाद जब्त किया गया था। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यापारी के पास किसी प्रकार का वैध खाद लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद लंबे समय से खाद बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जिसके बाद अन्य अवैध कारोबारियों में भी बेचैनी बढ़ गई है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि कार्रवाई से बचने के लिए कुछ कारोबारियों ने राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा।
बताया जा रहा है कि खैरागढ़ और बाजार अतरिया क्षेत्र में बड़ी संख्या में कृषि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें कई केंद्र ऐसे लोगों द्वारा चलाए जा रहे हैं जिन्हें कृषि संबंधी पर्याप्त जानकारी तक नहीं है। किसानों की शिकायत है कि कई केंद्रों में अमानक दवाइयों की बिक्री की जाती है और दवा उपयोग की सही जानकारी भी नहीं दी जाती। महंगे दामों पर दवाइयां बेचकर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पिछले साल बाजार अतरिया के पास डुंडा गांव के एक किसान की लगभग 10 एकड़ फसल गलत दवाई देने के कारण खराब हो गई थी। आरोप है कि संबंधित कृषि केंद्र संचालक ने आज तक किसान को मुआवजा नहीं दिया।
सूत्रों के अनुसार कई कृषि केंद्र बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट और नवीनीकरण के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व नुकसान भी हो रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा। DNnews भी जल्द बाजार अतरिया क्षेत्र के कई कृषि केंद्रों की पड़ताल कर खुलासा करने की तैयारी में है।


