राजनांदगांव जिले में पुलिस की मुस्तैदी और सूझबूझ ने एक संभावित गंभीर अपराध को समय रहते विफल कर दिया। ट्रैफिक चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर नजर पड़ते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पद्मश्री फुलबासन यादव को सुरक्षित मुक्त कराया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना 5 मई 2026 की सुबह गाठुला रोड क्षेत्र की है, जहां ट्रैफिक निरीक्षक नवरत्न कश्यप अपनी टीम के साथ नियमित वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया। जांच में वाहन के भीतर बैठी महिला की स्थिति असामान्य लगी। साथ मौजूद लोगों ने उसे मिर्गी का मरीज बताकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम को शक हुआ।
पूछताछ के दौरान महिला ने इशारे से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत सभी को वाहन से उतारकर जांच की। महिला की पहचान पद्मश्री फुलबासन यादव के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उन्हें बहला-फुसलाकर वाहन में बैठाया और जबरन ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्हें मिर्च स्प्रे दिखाकर धमकाया भी गया।
पुलिस ने मौके पर ही पांचों आरोपियों—खुशबू साहू, सलोनी महेश्वरी, दिनेश बंजारे, गोपाल खेलवार और चिनक राम साहू—को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, मोबाइल फोन और मिर्च स्प्रे बरामद किए गए हैं।
मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद फुलबासन देवी यादव को सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को “सजग, सक्रिय और प्रभावी पुलिसिंग” का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।


