खैरागढ़। खैरागढ़ तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार के बाबू पद्माकर राव पर रिश्वत मांगने और मनमाने तरीके से कार्य करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता संतु साहू और संतोष मरावी ने मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि बाबू पद्माकर राव बिना पैसे लिए कोई भी काम नहीं करते, जिससे आम नागरिकों और पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं के अनुसार, हाल ही में एक प्रकरण में नायब तहसीलदार न्यायालय से ऐसा आदेश पारित हुआ, जिसके कारण अनावेदकों को जेल जाना पड़ा। उनका दावा है कि मामला केवल पर्चा-पट्टा से संबंधित था, जिसमें न्यायालय से जमानत मिलना संभव था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने जमानत आवेदन तैयार करने एवं समय देने का अनुरोध बाबू को किया था, लेकिन इसके बावजूद जल्दबाजी में आदेश पारित करा दिया गया।
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित कार्य के एवज में ₹5,000 की मांग की गई थी। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में जब नायब तहसीलदार भूपेंद्र नेताम से मीडिया ने पक्ष जानने का प्रयास किया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
घटना के बाद अधिवक्ताओं और पीड़ित पक्ष के परिजनों ने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन शिकायत की जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है।

