खैरागढ़। खैरागढ़ क्षेत्र के बाजार अतरिया में समस्त लोधी समाज द्वारा भव्य भोजली महोत्सव एवं मूर्ति अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और समाजजनों ने हिस्सा लिया। भोजली महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं की आकर्षक झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय लोधी समाज के उपाध्यक्ष कमलेश्वर लोधी, लोधी समाज के संरक्षक भूखन जंघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्मला विजय वर्मा, लोधी समाज के जिला अध्यक्ष उत्तम जंघेल, पूर्व जिलाध्यक्ष राजभान लोधी, नीलांबर सिंह वर्मा, सरपंच बिमला वर्मा, हिमांचल सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विधायक निधि से स्थापित प्रतिमा का हुआ अनावरण
समारोह के दौरान विधायक यशोदा वर्मा की निधि से स्थापित वीरांगना रानी अवंति बाई लोधी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। प्रतिमा अनावरण के बाद उपस्थित लोगों ने वीरांगना अवंति बाई लोधी के साहस और समाज के लिए उनके योगदान को याद किया।
पंडवानी, जसगीत और सुवा नृत्य ने बांधा समां
भोजली महोत्सव में पंडवानी गायन, जसगीत, सुवा नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। कार्यक्रम में नाच पार्टी की प्रस्तुति भी हुई। मंच पर अतिथियों द्वारा विभिन्न कलाकारों का सम्मान किया गया।
इस दौरान विधायक यशोदा वर्मा भी महिलाओं के साथ सुवा नृत्य में शामिल हुईं, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। विधायक ने महिलाओं के साथ भोजली को सिर पर रखकर चौक तक यात्रा में भी हिस्सा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोक आस्था का जीवंत नजारा देखने को मिला।
“भोजली हमारी संस्कृति, इसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक यशोदा वर्मा ने कहा कि भोजली छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इसे संजोकर रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोधी समाज की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि समाज लगातार शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने समाज के विकास और उत्थान के लिए हर संभव सहयोग एवं प्रयास करने की बात कही।
देर रात तक चला सांस्कृतिक कार्यक्रम
भोजली विसर्जन के बाद भी कार्यक्रम का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। बाजार अतरिया में भोजली महोत्सव हर वर्ष बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। इस आयोजन को देखने और इसमें शामिल होने के लिए आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान बाजार अतरिया में उत्सव जैसा माहौल रहा और छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, आस्था और संस्कृति की रंगीन छटा देखने को मिली।



