खैरागढ़। खरीफ मौसम 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और उर्वरक व कीटनाशकों की नियम विरुद्ध बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी के मार्गदर्शन में विभागीय टीम द्वारा कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी क्रम में गंडई क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान दो कृषि केंद्रों पर कार्रवाई की गई। बाजार चौक स्थित हरिओम कृषि केंद्र द्वारा विभाग को गुमराह कर धमधा रोड स्थित एक गोदाम का कथित रूप से अवैध संचालन किए जाने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त गोदाम को सील कर दिया।
गोदाम में मौजूद संदेहास्पद कीटनाशकों एवं उर्वरकों को जब्त कर संबंधित कृषि केंद्र संचालक नीरज अग्रवाल की सुपुर्दगी में दिया गया है। मामले में विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसी तरह राघवेन्द्र कृषि केंद्र में उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बिना स्त्रोत प्रमाण पत्र के जैव उत्प्रेरक का भंडारण, 250 लीटर जब्त
कृषि विभाग ने खैरागढ़ विकासखंड में भी बिना स्त्रोत प्रमाण पत्र के कृषि आदानों के विक्रय एवं भंडारण के मामलों में कार्रवाई की है। दक्ष एग्रोटेक, रेंगाकठेरा में निरीक्षण के दौरान 250 लीटर अवैध जैव उत्प्रेरक पाए जाने पर उसे जब्त कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
वहीं भंडारणपुर स्थित सूर्याश कृषि केंद्र एवं परसाही स्थित प्राची कृषि केंद्र में बिना अनुज्ञप्ति के जैव उर्वरक का विक्रय किए जाने का मामला सामने आया। विभागीय टीम ने संबंधित स्टॉक को जब्त कर दोनों मामलों में वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के उर्वरक एवं कीटनाशकों का विक्रय या भंडारण, स्टॉक का उचित संधारण नहीं करना, अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन तथा निर्धारित मानकों के विपरीत कृषि आदानों का व्यापार करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई से कृषि आदान विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है। वहीं किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग द्वारा निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।



