हड़ताल का असर: इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव की प्रतिनियुक्ति समाप्त, शासन ने किया तत्काल स्थानांतरण
खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ एवं कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर अब सामने आ गया है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी की प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें उनकी मूल पदस्थापना अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में स्थानांतरित कर दिया है। शासन के इस निर्णय को कर्मचारियों के आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारी लंबे समय से अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत थे। प्रमुख मांगों में गलत वरिष्ठता सूची जारी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर समयमान वेतनमान, एकल पदों पर पदोन्नति चैनल, सातवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन, पुरानी पेंशन योजना का लाभ तथा सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को समयमान वेतनमान देना शामिल है।
कर्मचारी संघ ने प्रभारी कुलसचिव पर मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। साथ ही यह भी आरोप था कि एक सहायक प्राध्यापक द्वारा विधिक प्रक्रिया एवं विश्वविद्यालय सेवा नियमों के विपरीत कुलसचिव पद का दायित्व ग्रहण किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश था।
इससे पूर्व भी कर्मचारियों ने आंदोलन किया था, तब कुलपति के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त हुई थी, लेकिन मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कार्य ठप हो गया था और आगामी परीक्षाओं की तैयारियां भी प्रभावित होने लगी थीं।
इसी दबाव के बीच शासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए प्रभारी कुलसचिव की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी। शासन के इस फैसले के बाद कर्मचारियों ने संतोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार जताया है और शेष मांगों के शीघ्र निराकरण की उम्मीद जताई है।


