खैरागढ़ के शिक्षकों ने IISER पुणे में लिया उन्नत गणित-विज्ञान प्रशिक्षण
खैरागढ़।भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), पुणे में तीन दिवसीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान आधारित कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के आयुक्त किरण कौशल के मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसमें एपीसी ए.के. सारस्वत, उपसंचालक एवं मंजूलता साहू (सहायक संचालक) का विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला का नेतृत्व एपीसी बसंत कुमार वर्मा ने किया।
इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य से चयनित कुल 100 शिक्षकों ने भाग लिया, जिनमें केसीजी जिले के शिक्षक भी शामिल थे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गणित एवं विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
प्रशिक्षण में जिले से चयनित शिक्षक गीता यादव, महेन्द्र वर्मा, टीकाराम देशमुख, देवलाल वर्मा एवं रेवाराम वर्मा ने भाग लिया। शिक्षकों ने बताया कि कार्यशाला के दौरान गणित एवं विज्ञान की आधुनिक, नवाचारी और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों का गहन अध्ययन कराया गया। विज्ञान विषय को तथ्यों के संग्रह के बजाय एक सतत प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष बल दिया गया।
गणित शिक्षण में क्षेत्रफल, आयतन, तार्किक चिंतन जैसे विषयों को दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से सरल व प्रभावी ढंग से पढ़ाने की विधियाँ सिखाई गईं। वहीं विज्ञान के अंतर्गत ध्वनि, प्रकाश, गुरुत्वाकर्षण, तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति, पिच एवं अनुनाद जैसे जटिल विषयों को प्रयोग एवं गतिविधि आधारित तरीकों से समझाया गया।
इसके साथ ही डिजिटल टूल्स, शैक्षणिक ऐप्स तथा कम लागत वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री के निर्माण एवं उपयोग पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रयोगशालाओं के भ्रमण से शिक्षकों को प्रयोगात्मक अधिगम की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई।
शिक्षक गीता यादव ने बताया कि इस प्रशिक्षण से कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, व्यवहारिक एवं छात्र-केंद्रित बनाने की नई दृष्टि मिली है। प्रशिक्षण के पश्चात सभी शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में अर्जित ज्ञान का उपयोग कर नवाचारी शिक्षण गतिविधियाँ संचालित करेंगे, जिससे केसीजी जिले में गणित एवं विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।


