खैरागढ़ | जिला पंचायत सदस्य निर्मला विजय वर्मा ने राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ पर सवाल उठाते हुए इसे केवल दिखावा और प्रचार का माध्यम बताया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ग्राम पंचायत झुरानदी में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी थीं। इनमें प्रमुख रूप से हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की मांग शामिल थी। वर्मा के अनुसार, गांव में वर्षों से स्कूल संचालित हो रहा है, लेकिन आज तक उसका स्थायी भवन नहीं बन पाया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में छात्रों की पढ़ाई अतिरिक्त कमरों में हो रही है, जहां पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बच्चों को पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा भवन निर्माण की घोषणा के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रगति जमीन पर नजर नहीं आई है।
### 🔹 पेयजल समस्या भी जस की तस
निर्मला वर्मा ने क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बेलगांव, भदेरा और मगरकुंठ जैसे गांवों में पानी टंकियां तो बनाई गई हैं, लेकिन वे जर्जर हालत में हैं और उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों को आज भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन भी केवल कागजों तक सीमित है और जमीनी स्तर पर इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
### 🔻 प्रशासन पर लगाए सवाल
वर्मा ने कहा कि पिछले साल सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों द्वारा दिए गए कई आवेदनों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों द्वारा केवल औपचारिक जवाब देकर मामलों को टाल दिया जाता है।



