खैरागढ़। केसीजी जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सिलपट्टी इन दिनों शिक्षक विहीन होने के कारण सुर्खियों में है। करीब 50 विद्यार्थियों की दर्ज संख्या वाले इस स्कूल में वर्तमान में एक भी नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मामले को लेकर ग्राम पंचायत सिलपट्टी की सरपंच ऋतु साहू ने पहल करते हुए सीधे कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल से दूरभाष पर चर्चा कर तत्काल स्थायी शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग की है।
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दरअसल, शासन के संलग्नीकरण (रैशनलाइजेशन) संबंधी आदेश के बाद स्कूल में व्यवस्था के तहत कार्यरत दोनों शिक्षक अपने मूल विद्यालय लौट गए। इसके बाद स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन हो गया और हालात ऐसे बने कि स्कूल में तालाबंदी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
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स्थिति बिगड़ने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संकुल समन्वयक को मौखिक निर्देश देकर पास के पद्मवतीपुर प्राथमिक स्कूल से एक शिक्षक की अस्थायी व्यवस्था करने को कहा। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल तात्कालिक समाधान है। जिस शिक्षक की व्यवस्था की गई है, वह नियमित रूप से कब तक आएंगे, इसकी कोई स्पष्टता नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब स्कूल पहले से व्यवस्था के आधार पर चल रहा था तो शिक्षकों को हटाने की आवश्यकता ही क्या थी। उनका आरोप है कि "उधार के शिक्षक" के भरोसे बच्चों का भविष्य नहीं बनाया जा सकता। यदि समय-समय पर अलग-अलग शिक्षक पढ़ाने आएंगे तो बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी।
इधर पालकों में भी भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग की योजनाओं का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। यदि जल्द ही स्थायी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई तो ग्रामीण स्कूल में तालाबंदी और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेंद्र कुमार सुधाकर ने बताया कि "संलग्नीकरण समाप्त होने के बाद वैकल्पिक शिक्षक व्यवस्था कर दी गई है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
ग्रामीणों और पालकों की मांग है कि अस्थायी व्यवस्था के बजाय सिलपट्टी स्कूल में शीघ्र नियमित शिक्षकों की पदस्थापना की जाए, ताकि 50 बच्चों का भविष्य अनिश्चितता में न रहे।



