खैरागढ़। खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम बैहाटोला स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक भगवती प्रसाद सिन्हा का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार सत्र 2026-27 के लिए किया गया है। राजधानी रायपुर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह-2026 में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उनके नाम की घोषणा की।
शिक्षक सिन्हा अपने शिक्षकीय कार्य के दौरान नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों के लिए चर्चा में रहे हैं। वे बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा देने के बजाय खेल-खेल में शिक्षा और गतिविधि आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देते हैं।

स्मार्ट टीवी और आधुनिक तकनीक का उपयोग
विद्यालय में बच्चों के लिए रुचिकर एवं सहज वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से स्मार्ट टीवी सहित आधुनिक शिक्षण तकनीकों का उपयोग किया गया। विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षानुरूप दक्षताएं हासिल करने में मदद करने का प्रयास किया गया।
विद्यालय में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी सराहना की गई है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की शालाओं में किए जा रहे कार्यों के उदाहरणों में प्राथमिक शाला बैहाटोला का उल्लेख किया गया है। समग्र शिक्षा की ओर से जारी सामग्री में भी विद्यालय में किए गए प्रयासों को स्थान मिला है।
पहले भी मिल चुके हैं सम्मान
भगवती प्रसाद सिन्हा को वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री शिक्षक गौरव अलंकरण के तहत शिक्षादूत पुरस्कार तथा वर्ष 2023 में संभागीय उत्कृष्ट प्रधानपाठक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न मंचों पर उनकी शिक्षण शैली और नवाचारों के लिए उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ है।
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर विद्यालय परिवार, शिक्षा विभाग और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। उनका मानना है कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में भी शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।




