धमधा। दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पेण्ड्रावन में छात्रों के 12 घंटे लंबे आंदोलन का असर आखिरकार नजर आने लगा है। खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों की आवाज अब सीधे शिक्षा मंत्री तक पहुंची है। गुरुवार को शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव खुद पेण्ड्रावन स्कूल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
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मंत्री ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया और आंदोलन कर चुके छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने प्राचार्य को हटाने, ओपन स्कूल का सेंटर शुरू कराने और पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी। मंत्री ने बच्चों से पढ़ाई में आ रही परेशानियों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बारिश और गर्मी से राहत के लिए तत्काल टिन शेड
स्कूल परिसर में छात्रों को बारिश और तेज गर्मी से होने वाली परेशानी को देखते हुए मंत्री ने तत्काल टिन शेड लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर लगाने को भी कहा, ताकि उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
शिक्षकों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों को नियमित कक्षाएं लेने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की पढ़ाई से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।
मंत्री के अचानक स्कूल पहुंचने से छात्रों में उत्साह नजर आया। 12 घंटे तक सड़क पर बैठकर आंदोलन करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि “मंत्री जी ने हमारी बात सुनी है, अब उम्मीद है कि स्कूल की व्यवस्था में सुधार होगा।”
इस दौरान धमधा के प्रशासनिक अधिकारी, बीईओ सहित स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा।
छात्रों का 12 घंटे का आंदोलन अब रंग लाता दिख रहा है—देखना होगा कि मौके पर दिए गए निर्देश जमीन पर कितनी जल्दी अमल में आते हैं।




