Bhilai। श्री सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना और प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजनाओं के विरोध में किसान अधिकार संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को हजारों किसानों ने भिलाई के बत्तीस बंगला स्थित पर्यावरण विभाग के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। दनिया, अतरिया, हनईबन, उदयपुर सहित संडी, बुंदेली और सीताडबरी क्षेत्र के किसान 80 से अधिक बसों और चारपहिया वाहनों के काफिले में पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पर्यावरण विभाग और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परियोजनाओं को निरस्त करने की मांग की।
चार खनन क्षेत्रों की परियोजनाएं बंद करने की मांग
किसानों ने पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर संडी, हनईबन, बुंदेली और सीताडबरी में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजनाओं को निरस्त करने तथा श्री सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना पर स्थायी रोक लगाने की मांग की। समिति ने किसानों से ली गई कृषि भूमि वापस लौटाने की भी मांग उठाई।
जमीन, पानी और पर्यावरण को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि प्रस्तावित खनन परियोजनाओं और सीमेंट फैक्ट्री से क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, भूजल स्तर, फसलों और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों ने आशंका जताई कि खनन से कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित होगी, जलस्तर नीचे जा सकता है और फैक्ट्री से निकलने वाली धूल से फसलों तथा जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन, पानी और पर्यावरण की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कृषि और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं पर रोक लगाई जानी चाहिए।
महिला किसानों की भी बड़ी भागीदारी
प्रदर्शन में महिला किसानों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। विभिन्न गांवों से पहुंचीं महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि खेती और कृषि भूमि ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। यदि खेत प्रभावित होंगे, तो परिवारों की आर्थिक स्थिति और खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा।
सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
आंदोलन में विभिन्न गांवों के सरपंच, पंच, समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान अधिकार संघर्ष समिति की अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल सहित मुकेश पटेल, नोहर जंघेल, प्रमोद सिंह, बीरेंद्र जंघेल, श्रवण जंघेल, विक्रम सिंह और सौरभ जंघेल ने किया। इसके अलावा विष्णु मंडल, कैलाश जंघेल, रोहित जंघेल, ऐमन जंघेल, लेखा वर्मा, हुकुम जंघेल और लकी जंघेल सहित क्षेत्र के अनेक किसान मौजूद रहे।
किसानों की तीन प्रमुख मांगें
किसान अधिकार संघर्ष समिति ने ज्ञापन के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें रखीं—
संडी, हनईबन, बुंदेली और सीताडबरी सहित सभी प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजनाओं को निरस्त किया जाए।
श्री सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना पर स्थायी रोक लगाई जाए और किसानों से ली गई कृषि भूमि वापस लौटाई जाए।
किसानों की सहमति के बिना जनसुनवाई और पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए।
आश्वासन के बाद भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद संबंधित अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट किया



