खैरागढ़। लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा पर निर्भर करती है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और चुनावी व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर देश की बात फाउंडेशन ने केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठाई है। संगठन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टोरेट खैरागढ़ में अपर कलेक्टर सुरेंद्र सिंह ठाकुर को सौंपा गया।
ज्ञापन में संगठन ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता को लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। फाउंडेशन का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना या अनुचित तरीके से हटना उसके संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पूरी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक मतदाता को अपने नाम की स्थिति जानने, आपत्ति दर्ज कराने और आवश्यक सुधार कराने का उचित अवसर मिले।
निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर जोर
देश की बात फाउंडेशन ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर पुनर्विचार की मांग उठाई। संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 के प्रावधानों की समीक्षा की आवश्यकता भी जताई।
ज्ञापन में कहा गया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला है। निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निर्णय लेने की व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए और मतदाता सूची में होने वाले प्रत्येक बदलाव की उचित जांच एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मताधिकार की सुरक्षा के लिए रखीं सात प्रमुख मांगें
फाउंडेशन ने अपने ज्ञापन में निर्वाचन व्यवस्था में सुधार के लिए सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शिता, निर्वाचन आयुक्तों से संबंधित कानून के प्रावधानों की समीक्षा तथा निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रमुख है।
इसके अलावा मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं हटाने की प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने, पुराने कागजी मतदाता पहचान पत्रों से संबंधित व्यवस्था में सुधार तथा निर्वाचन प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने की मांग की गई।
लोकतंत्र में हर मतदाता की भागीदारी जरूरी
संगठन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। फाउंडेशन के अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को बिना किसी अनुचित बाधा के मतदान का अवसर मिले।इस दौरान देश की बात फाउंडेशन के राज्य समन्वयक विप्लव साहू, डॉ भोला साहू भुवनेश्वर वर्मा, डॉक्टर कन्हैया लाल लिल्हारे, नारायण वर्मा, राजेश वर्मा, संतराम साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



