खैरागढ़। जिले में आए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और बेमौसम बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी खरीफ की धान फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर गिर गई है। कई खेतों में पानी भरने से धान की फसल डूबकर खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है। फसल को हुए नुकसान से परेशान किसानों ने अब प्रशासन से मुआवजे और फसल बीमा की राशि दिलाने की मांग उठाई है।
फसल नुकसान से प्रभावित जिले के विभिन्न गांवों के किसान अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने सहायक संचालक कृषि विभाग राजकुमार सोलंकी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि चक्रवाती तूफान और भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों के साथ केसीजी जिले के ग्रामीण अंचलों में भी धान की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित गांवों में बलदेवपुर, खुर्सीपार, दामरी, घोटिया, कलक्सा, टेकापार और बढ़ईटोला सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। किसानों के मुताबिक, फसल कटाई के ऐन पहले हुए इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में नुकसान का सही आकलन कर उन्हें जल्द राहत देना जरूरी है।
कृषि विभाग ने दी नुकसान की सूचना देने की सलाह
इस संबंध में सहायक संचालक कृषि विभाग राजकुमार सोलंकी ने बताया कि किसानों को नियमानुसार कृषि विभाग अथवा संबंधित फसल बीमा कंपनी को फसल नुकसान की सूचना देनी होगी। इसके बाद विभाग या बीमा कंपनी द्वारा नियमानुसार सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर पात्र प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ प्रदान किया जाएगा।
जल्द सर्वे और मुआवजे की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके और पात्र किसानों को समय पर उचित मुआवजा एवं फसल बीमा राशि मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व जिला पंचायत सभापति विप्लव साहू, उपसरपंच जितेंद्र साहू, राकेश साहू, ग्राम पटेल तामेश्वर साहू, मूलचंद साहू, संतराम साहू, नैन कुमार यादव, बैसाखू यादव, संतोष सिरमौर, रोहित टंडन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित रहे।



