खैरागढ़। रियासतकालीन परंपरा के अनुरूप खैरागढ़ में इस वर्ष भी राजपरिवार का दशहरा पर्व शाही अंदाज में मनाया जाएगा। मंगलवार, 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाले शाही दशहरा उत्सव में नगर भ्रमण, पारंपरिक नृत्य, आतिशबाजी और रावण दहन सहित विभिन्न कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इस बार आयोजन का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध कथा वाचक एवं जस-पचरा गायक पं. युवराज पांडे की प्रस्तुति होगी।
पूजा-अर्चना के बाद निकलेगी शाही सवारी
शाही दशहरा उत्सव की शुरुआत रश्मि देवी नगर स्थित कमल विलास पैलेस के समीप से होगी। यहां राजपरिवार द्वारा दिवंगत राजा देवव्रत सिंह की प्रतिमा एवं सिविल लाइन दुर्गा मंच पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद राजा आर्यव्रत सिंह की शाही सवारी बाजे-गाजे के साथ नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी।
शाही सवारी मेन रोड से होते हुए संगीत विश्वविद्यालय परिसर पहुंचेगी। इसके बाद रियासतकालीन दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी। यहां से शाही सवारी राजपरिवार के साथ अस्पताल चौक, मस्जिद चौक, गोलबाजार, बख्शी मार्ग, इतवारी बाजार, किल्लापारा, तुरकारीपारा, पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड होते हुए राजा फतेह सिंह खेल मैदान पहुंचेगी।
शाही बग्घी में सवार होकर देंगे दर्शन
शाही दशहरा शोभायात्रा के दौरान राजा आर्यव्रत सिंह शाही बग्घी में सवार होकर नगरवासियों को दर्शन देंगे। शोभायात्रा में बाजे-गाजे के साथ राऊत नृत्य, पंथी नृत्य सहित विभिन्न पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। रियासतकालीन परंपरा से जुड़ी इस शोभायात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
भगवान राम करेंगे रावण का दहन
शाही दशहरा उत्सव का मुख्य आयोजन राजा फतेह सिंह खेल मैदान में होगा। यहां भगवान राम और लक्ष्मण के साथ वानर सेना की उपस्थिति में विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण दहन से पूर्व आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी।
रावण दहन के बाद गूंजेगा जस-पचरा
रावण दहन के बाद प्रसिद्ध कथा वाचक एवं जस-पचरा गायक पं. युवराज पांडे अपनी प्रस्तुति देंगे। राजपरिवार दशहरा उत्सव समिति के अनुसार उनकी प्रस्तुति इस वर्ष के शाही दशहरा आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी।
राजघराना दशहरा समिति ने शुरू की तैयारियां
शाही दशहरा पर्व को लेकर राजघराना दशहरा उत्सव समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोजन को लेकर मैदान की व्यवस्था, रावण दहन, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार रियासतकालीन परंपरा को जीवंत रखते हुए इस वर्ष भी दशहरा पर्व को भव्य एवं आकर्षक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
शाही दशहरा आयोजन के माध्यम से खैरागढ़ में एक बार फिर रियासतकालीन परंपरा, धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा।


