खैरागढ़। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार, 14 अक्टूबर को छुईखदान विकासखंड के साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया।
यह कार्रवाई केंद्र के संचालन में PCPNDT एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन एवं जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
प्रशासन के अनुसार, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के संबंध में प्राप्त शिकायत के आधार पर PCPNDT एक्ट के तहत जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं उनकी टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान सोनोग्राफी केंद्र के संचालन में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के पालन में कई कमियां पाई गईं।
जांच में यह भी पाया गया कि केंद्र में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा PCPNDT एक्ट के तहत निर्धारित प्रारूपों को नियमानुसार नहीं भरे जाने की बात सामने आई। सोनोग्राफी रिपोर्टिंग से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान ऐसे रिपोर्टिंग फॉर्मेट भी पाए गए, जिनमें किसी अन्य रेडियोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर पहले से अंकित थे।
इन अनियमितताओं के संबंध में केंद्र संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस के जवाब को जिला सलाहकार समिति की बैठक में प्रस्तुत किया गया, जहां जांच प्रतिवेदन, सामने आई अनियमितताओं और संचालक के जवाब पर विस्तृत चर्चा की गई।
समिति के निर्णय के बाद हुई कार्रवाई
बैठक के बाद जिला सलाहकार समिति ने संबंधित सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद करने का निर्णय लिया। इसके आधार पर कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी, PCPNDT, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा संयुक्त जांच एवं कार्रवाई दल गठित कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निर्देश के परिपालन में 14 अक्टूबर को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम साल्हेवारा स्थित बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सोनोग्राफी केंद्र को सीलबंद कर दिया।
कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, PCPNDT के अधिकृत समुचित प्राधिकारी डॉ. मनीष बघेल, डॉ. बोधन सिंह, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. विवेक बिसेन एवं संबंधित लिपिक अर्पित गुप्ता उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। सोनोग्राफी केंद्रों का संचालन PCPNDT एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



