छुईखदान। बीते दो दिनों से चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव और बेमौसम बारिश ने छुईखदान ब्लॉक क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदा की मार से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। वहीं फसल खराब होने से अब किसानों के सामने आर्थिक संकट के साथ खेती के लिए लिए गए कर्ज की अदायगी की चिंता भी खड़ी हो गई है।
बेमौसम बारिश और खराब मौसम के कारण कई किसानों की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों को आगामी रबी सीजन की तैयारी, घरेलू खर्च और कृषि ऋण चुकाने की चिंता सताने लगी है। फसल नुकसान से परेशान किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं।
इस मामले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छुईखदान के प्रवक्ता कपिनाथ महोबिया ने शासन-प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें राहत देना शासन की जिम्मेदारी है।
कपिनाथ महोबिया ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 15 से 20 हजार रुपये तक मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही पात्र किसानों को फसल बीमा की राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। शासन-प्रशासन को किसानों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी किए फसल नुकसान का सर्वे शुरू करना चाहिए और प्रभावित किसानों को उचित राहत राशि उपलब्ध करानी चाहिए।



