विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न विभागों की पहल
खैरागढ़,कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखंड छुईखदान के ग्राम दल्ली परसाही स्थित बहुउद्देशीय केंद्र में 27 अक्टूबर को विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा आज 28 अक्टूबर को आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बैगा जनजाति के परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वरोजगार, कौशल विकास एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
स्वास्थ्य शिविर में 51 ग्रामीणों का परीक्षण, गर्भवती माताओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल पर जोर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला के मार्गदर्शन में 27 अक्टूबर को स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शिविर में बैगा जनजाति समुदाय के 51 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में 4 गर्भवती माताओं की जांच, एक बच्चे का टीकाकरण, 51 लोगों की टीबी जांच, 22 लोगों की कुष्ठ रोग जांच, 26 ग्रामीणों की रक्तचाप एवं शुगर जांच, 18 लोगों की मलेरिया जांच तथा 22 लोगों की सिकल सेल जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं की नियमित स्वास्थ्य देखभाल, संस्थागत प्रसव तथा पोषण संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना एवं कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की सुविधाओं के संबंध में जागरूक किया गया। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साल्हेवारा की डॉ. रुपाली भुआय सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवाएं प्रदान कीं।
आजीविका संवर्धन कार्यक्रम में वन धन विकास केंद्र, बिहान समूह एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी जानकारी
इसी क्रम में 28 अक्टूबर को बहुउद्देशीय केंद्र दल्ली परसाही में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को वन धन विकास केंद्र, जनजातीय उद्यमिता, स्व-सहायता समूहों के गठन एवं संचालन, लघु वनोपज आधारित आजीविका गतिविधियों तथा उत्पादों के विपणन एवं बाजार से जुड़ने के अवसरों के संबंध में जानकारी दी गई।
ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियां संचालित करने तथा स्वरोजगार के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कौशल विकास एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका के अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में जिला लघु वनोपज सहकारी संघ खैरागढ़ के जूनियर एक्जीक्यूटिव श्री संजय पटेल, प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मुरूम के प्रबंधक श्री बड़े लाल पटेल, सचिव श्री हर्षित नेवारे, उद्योग विभाग से श्री अल्वी वर्मा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीपीएम श्री नरेश कुमार, बिहान कैडर के सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास की इन गतिविधियों का उद्देश्य दूरस्थ वनांचल में निवासरत बैगा जनजाति के परिवारों को शासकीय योजनाओं से जोड़ना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।



