Khairagarh,Bajar Atariya, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में कृषि विभाग द्वारा कृषि केंद्रों की सघन जांच किए जाने के बीच बाजार अतरिया में कई कृषि केंद्रों के बंद मिलने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय जानकारी के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से कई दुकानों के संचालक दुकानें बंद कर नदारद बताए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस समय खरीफ सीजन में किसानों को कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री की आवश्यकता है, ऐसे में दुकानों के बंद रहने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाजार अतरिया क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक कृषि केंद्र संचालित होने की जानकारी है। कृषि विभाग की जांच के दौरान कुछ दुकानों के बंद मिलने से यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर जांच की भनक संचालकों तक पहले कैसे पहुंच रही है। हालांकि विभागीय स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीमित पीसी पर कई कंपनियों की दवाइयां बेचने की चर्चा
कृषि केंद्रों के संचालन को लेकर एक और गंभीर शिकायत सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि कुछ दुकानदारों के पास सीमित कंपनियों के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (पीसी) होने के बावजूद कई अन्य कंपनियों के उत्पाद बिक्री के लिए रखे जाते हैं।
किसानों का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो जांच के दौरान प्रत्येक दुकान के लाइसेंस, प्रिंसिपल सर्टिफिकेट और उपलब्ध कृषि दवाइयों का कंपनीवार मिलान किया जाना चाहिए। इसके अलावा खरीद बिल, बिक्री बिल और स्टॉक रजिस्टर की भी जांच जरूरी है।
स्टॉक और रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल
कई कृषि केंद्रों में सूचना पटल, स्टॉक विवरण और आवक-जावक संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं होने की शिकायतें भी किसानों की ओर से की जा रही हैं। किसानों की मांग है कि कृषि विभाग केवल दवाइयों के नमूने लेने तक सीमित न रहे, बल्कि दस्तावेजों और स्टॉक का भी विस्तृत सत्यापन करे।
अब देखना होगा कि कृषि विभाग की सघन जांच में इन शिकायतों की वास्तविकता कितनी सामने आती है। किसानों ने सभी कृषि केंद्रों की निष्पक्ष और अचानक जांच कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है

