खैरागढ़। क्षेत्र में अल्प वर्षा और पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिलने से फसल प्रभावित होने का हवाला देते हुए तहसील खैरागढ़ के विभिन्न गांवों के किसानों ने 22 सितंबर को कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा। किसानों ने राजस्व विभाग के माध्यम से खेतों का स्थल निरीक्षण एवं फसल क्षति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति, राहत एवं फसल बीमा राशि दिलाने की मांग की है।
किसानों ने अपने आवेदन में बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण कृषि कार्य प्रभावित हुआ है। कम बारिश के चलते खेतों में बोई गई फसलों का विकास प्रभावित हो रहा है और कई स्थानों पर फसल सूखने अथवा नष्ट होने की स्थिति बन रही है।
किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के साथ बिजली की समस्या के कारण नलकूपों के माध्यम से भी आवश्यक सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे किसानों के सामने फसल बचाने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है।
इन गांवों के किसानों ने की मांग
किसानों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में भोरमपुरकला, सिंधौरी, मदनपुर, जोरातराई, चिंगली, मडौदा, बफरा एवं बाजार अतरिया क्षेत्र के किसानों की फसल एवं कृषि भूमि का सर्वे कराने की मांग की है।
आवेदन में कहा गया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के माध्यम से प्रभावित खेतों का स्थल निरीक्षण कराया जाए तथा फसल क्षति का वास्तविक आकलन किया जाए। इसके बाद नियमानुसार पात्रता के आधार पर किसानों को क्षतिपूर्ति एवं राहत राशि के साथ फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
किसानों ने कलेक्टर से मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
इस दौरान ज्ञानेन्द्र कुमार वर्मा, तुलाराम वर्मा, तिलक राम वर्मा, उत्तम वर्मा, हेमंत वर्मा, ललित चंदेल सहित क्षेत्र के अन्य किसान उपस्थित रहे।
किसानों की प्रमुख मांगें:
प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कराया जाए।
राजस्व विभाग द्वारा खेतों का स्थल निरीक्षण किया जाए।
फसल क्षति का वास्तविक आकलन किया जाए।
पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति एवं राहत राशि दी जाए।
फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
सिंचाई के लिए बिजली व्यवस्था सुचारु किए जाने की दिशा में भी कार्रवाई हो।
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