खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ के आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें 7 सितंबर को होने वाली वार्ड आरक्षण प्रक्रिया पर टिकी हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी आम सूचना के मुताबिक नगर पालिका के सभी 20 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया 7 सितंबर, सोमवार को दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में की जाएगी।
राज्य शासन ने इस प्रक्रिया के लिए कलेक्टर को विहित प्राधिकारी नियुक्त किया है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नगर पालिका के 20 वार्डों में कौन-सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।
आरक्षण से पहले अटकी दावेदारों की रणनीति
वार्ड आरक्षण को लेकर संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों में उत्सुकता बढ़ गई है। कई दावेदार लंबे समय से अपने-अपने वार्ड में चुनावी तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आरक्षण की तस्वीर साफ नहीं होने के कारण उनकी दावेदारी फिलहाल असमंजस में है।
आरक्षण में बदलाव होने पर कई संभावित उम्मीदवारों को अपना वार्ड बदलना पड़ सकता है। वहीं राजनीतिक दलों को भी टिकट वितरण की रणनीति नए सिरे से तैयार करनी पड़ सकती है।
आम नागरिक भी रह सकेंगे मौजूद
आरक्षण की प्रक्रिया में आम नागरिकों की मौजूदगी भी रहेगी। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास माना जा रहा है। आरक्षण की प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से होने के कारण राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी इस पर नजर रहेगी।
अध्यक्ष पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित
नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर तस्वीर पहले ही साफ हो चुकी है। अध्यक्ष पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित घोषित किया जा चुका है। अब राजनीतिक दलों और दावेदारों की नजरें नगर पालिका के 20 वार्डों के आरक्षण पर हैं।
7 सितंबर के बाद बदलेगा चुनावी समीकरण
नगर पालिका चुनाव साल के अंत तक होने की संभावना के बीच 7 सितंबर को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद ही संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी और राजनीतिक समीकरण ज्यादा स्पष्ट होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खैरागढ़ के 20 वार्डों में कौन-सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा और आरक्षण की पर्ची किन-किन दावेदारों की चुनावी राह आसान या मुश्किल करेगी? इसका जवाब 7 सितंबर को आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आएगा।



