छुईखदान। जिले में कथित रूप से संचालित अवैध ईंट भट्ठों का मामला अब प्रशासन के सामने पहुंच गया है। जिला फ्लाई ऐश ईंट निर्माता संघ ने हाथ भट्ठों से लाल ईंटों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने भट्ठों के संचालन, आवश्यक अनुमतियों और पर्यावरणीय मानकों की जांच कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि प्रशासन इस शिकायत पर कब संज्ञान लेता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है।
संघ ने ज्ञापन में कहा है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाथ भट्ठों के माध्यम से लाल ईंटों का निर्माण एवं बिक्री किए जाने की शिकायतें हैं। कुछ भट्ठों का संचालन अन्य प्रदेशों के व्यक्तियों द्वारा किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। संघ ने इन गतिविधियों की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भट्ठों का संचालन निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमतियों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
शिकायत के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी अहम
ईंट निर्माता संघ की शिकायत के बाद अब जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासन के सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि जिले में संचालित ईंट भट्ठों के पास जरूरी अनुमतियां हैं या नहीं, पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अब तक क्या कार्रवाई हुई है। शिकायत की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक करना भी जरूरी है, ताकि मामले में स्थिति स्पष्ट हो सके।
यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, वैध रूप से संचालित इकाइयों के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, जिससे शिकायतों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय तथ्यात्मक आधार पर निर्णय लिया जा सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लाल ईंटों के उपयोग का मुद्दा
संघ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में लाल ईंटों के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। संघ ने मांग की है कि निर्माण कार्यों में लागू दिशा-निर्देशों, तकनीकी मानकों और सामग्री संबंधी प्रावधानों की जांच की जाए। इस संबंध में संबंधित विभागों को यह स्पष्ट करना होगा कि निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला फ्लाई ऐश ईंट निर्माता संघ के ध्रुव सिंह, शुभम ठाकुर, पंकज ठाकुर, कमलेश सिंह, प्रतीक चंदवानी, दीनदयाल सिन्हा, तारेख साहू, प्रदीप वर्मा, प्रभु साहू, सुदीप श्रीवास्तव, प्रकाश सिंह एवं राधेलाल जंघेल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
फिलहाल संघ की मांग के बाद प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। शिकायत पर समयबद्ध जांच, स्पष्ट निष्कर्ष और नियमानुसार कार्रवाई से ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।


