खैरागढ़ - खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में इस वर्ष मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम एवं असमान वर्षा के कारण खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। छुईखदान और खैरागढ़ क्षेत्र मे पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति बनी हुई है। किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भाजपा नेता व जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर जिले की स्थिति से अवगत कराया।
किसानों की समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी :
विक्रांत सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात के दौरान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों पर पड़ रहे संभावित प्रभाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बारिश पर निर्भर खेती करते हैं। बारिश की कमी के कारण फसलों की बढ़वार, उत्पादन और आगामी पैदावार को लेकर किसानों के सामने चिंता की स्थिति निर्मित हो रही है।
डॉ. रमन सिंह से भी की चर्चा:
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से भी मुलाकात कर किसानों की परेशानी से अवगत कराया। उन्होंने आग्रह किया कि जिले में कम वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जाए तथा किसानों के हित में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर से बातचीत कर फसल आकलन की बात:
विक्रांत सिंह ने बताया कि उन्होंने जिले के कलेक्टर से भी बातचीत कर कम वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति का आकलन कराने तथा किसानों की वास्तविक क्षति को सामने लाने के संबंध में चर्चा की है। उन्होंने कहा कि खेतों में जाकर फसल की स्थिति का जायजा लेना और प्रभावित क्षेत्रों का तथ्यात्मक आकलन करना आवश्यक है, ताकि किसानों को शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली संभावित सहायता का लाभ मिल सके।
फसल बीमा कंपनी को समय पर सूचना पर जोर :
उन्होंने फसल बीमा के संबंध में भी आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी कराने की बात कही है। कम वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम से फसल प्रभावित होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित बीमा कंपनी को सूचना और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम से होने वाली फसल क्षति के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा संबंधी कार्रवाई की जाती है।
किसानों के हित में हरसंभव प्रयास का भरोसा:
विक्रांत सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता के साथ शासन-प्रशासन के समक्ष रखना जरूरी है। कम वर्षा से जिन किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है, उनकी वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने किसानों के हित में प्रशासनिक स्तर पर फसल आकलन, आवश्यक सूचना एवं बीमा संबंधी प्रक्रिया को समय पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गौरतलब है कि हाल के उपलब्ध वर्षा आंकड़ों में भी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में सामान्य की तुलना में वर्षा कम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।


