रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में फेरबदल करते हुए छत्तीसगढ़ के लिए नई टीम तय की है। पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी Smriti Irani को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी सूची में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों के नाम घोषित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू की नियुक्ति भी इसी संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा है।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद खाली था पद
छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी का पद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की नई जिम्मेदारी संभालने के बाद खाली हुआ था। अब पार्टी ने स्मृति ईरानी को यह जिम्मेदारी देकर प्रदेश संगठन के लिए नया केंद्रीय समन्वय तय किया है।
स्मृति ईरानी को अगस्त 2026 में भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था। वहीं सिद्धार्थ शंभू को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली थी। अब दोनों नेताओं को छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक भूमिका भी सौंपी गई है।
संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की जिम्मेदारी
प्रदेश प्रभारी की भूमिका मुख्य रूप से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच समन्वय से जुड़ी होती है। संगठनात्मक बैठकों, पार्टी कार्यक्रमों और प्रदेश में संगठन से जुड़े कार्यों के समन्वय में प्रभारी और सह-प्रभारी की भूमिका रहती है। नई नियुक्तियों के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में इसी स्तर पर दोनों नेताओं की जिम्मेदारी रहेगी।
स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का भी प्रभार
भाजपा की जारी सूची के अनुसार स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का प्रभार भी सौंपा गया है। यानी राष्ट्रीय संगठन में उनकी जिम्मेदारी दो राज्यों से जुड़ी होगी।
छत्तीसगढ़ के अन्य नेताओं को भी मिली संगठनात्मक जिम्मेदारी
भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में छत्तीसगढ़ से जुड़े अन्य नेताओं को भी अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारियां मिली हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार गोमती साय को गुजरात में सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सौरभ सिंह को झारखंड का सह-प्रभारी बनाया गया है।
इन नियुक्तियों के साथ छत्तीसगढ़ भाजपा के कई नेताओं की भूमिका राज्य से बाहर भी संगठनात्मक स्तर पर तय हुई है।
अब संगठन की गतिविधियों पर रहेगी नजर
नई नियुक्तियों के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच समन्वय की नई व्यवस्था शुरू होगी। आने वाले दिनों में संगठनात्मक बैठकों, पार्टी कार्यक्रमों और प्रदेश संगठन से जुड़े कार्यों में नई जिम्मेदारियों के अनुसार गतिविधियां आगे बढ़ेंगी।


