छुरिया। गैंदाटोला–नून्हाटोला मार्ग स्थित शासकीय शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से जारी ग्रामीणों का आंदोलन आखिरकार रंग लाता नजर आया। जिला प्रशासन के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीम आंदोलन स्थल पहुंची और अन्यत्र व्यवस्थापन होने तक वर्तमान शराब दुकान को बंद रखने की घोषणा की। प्रशासन की इस घोषणा के बाद आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
ग्रामीण लंबे समय से शराब दुकान हटाने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों ने भीषण गर्मी के बीच दिन-रात धरना देकर आंदोलन को मजबूत बनाया। ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे और आखिरकार संघर्ष का परिणाम सामने आया।
इस आंदोलन में पूर्व विधायक छन्नी साहू लगातार ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़े नजर आए। आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया और प्रशासन तक उनकी आवाज पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आबकारी विभाग की घोषणा के बाद छन्नी साहू, किसान नेता चंदू साहू, कांग्रेस नेता सूर्य कुमार खिलाड़ी और अन्य समर्थकों ने ग्रामीणों के साथ गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की।
ग्रामीणों ने इसे जनता की एकजुटता, संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया। वहीं क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा रही कि संघर्ष के समय अधिकांश बड़े जनप्रतिनिधि आंदोलन से दूरी बनाए रहे, जबकि पूर्व विधायक छन्नी साहू लगातार जनता के बीच सक्रिय दिखाई दिए।
ग्रामीणों ने पूर्व विधायक छन्नी साहू, किसान नेता सुदेश टीकम, चंदू साहू सहित आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। गैंदाटोला शराब दुकान का मामला अब केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि जनता की ताकत और जनसंघर्ष का बड़ा उदाहरण बन गया है।
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