खैरागढ़। जिले में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की रंग-रोगन के लिए बजट स्वीकृत किया गया था। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए लगभग 3 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई थी। बावजूद इसके, कई स्थानों पर कराई गई पुताई की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
खैरागढ़ ब्लॉक के टोलागांव सहित कुछ क्षेत्रों में ठेकेदार के माध्यम से कराई गई पुताई को ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने पूरी तरह गुणवत्ताविहीन बताया है। आरोप है कि कई जगहों पर पुराने पेंट को ठीक से हटाए बिना ही नई पुताई कर दी गई, जिससे दीवारों की स्थिति और खराब नजर आने लगी।
इस मामले की जानकारी मीडिया तक पहुंचने के बाद टोलागांव के आंगनबाड़ी केंद्र की वास्तविक स्थिति सामने आई। रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में जरूर आया, लेकिन अब तक की कार्रवाई को केवल औपचारिक माना जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष में गुणवत्ता सही नहीं पाए जाने के कारण पुताई नहीं कराई गई थी, और अब जल्द ही नए सिरे से कार्य कराया जाएगा। हालांकि, यह बयान कई सवाल खड़े करता है—जब कार्य हुआ ही नहीं, तो फिर खराब गुणवत्ता की शिकायतें कैसे सामने आईं?
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि विभाग संबंधित ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर मामले को दबाने की कोशिश होगी। फिलहाल, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति और विभाग की कार्यप्रणाली दोनों ही जांच के दायरे में हैं, जिससे जिला प्रशासन की छवि भी प्रभावित हो रही है।


