खैरागढ़ में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी खैरागढ़ के प्रवक्ता देवकांत यदु ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर केवल वोट की राजनीति कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक भारी बहुमत से पारित हुआ था, जिसमें 454 वोट पक्ष में और मात्र 2 वोट विरोध में पड़े थे। इसके बाद 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा में भी यह विधेयक 214 वोटों के समर्थन से पारित हुआ, जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। वहीं 29 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान की।
### 🔴 कांग्रेस का आरोप
देवकांत यदु ने कहा कि यह विधेयक वास्तविक महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण का माध्यम है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे छोटे राज्यों के अधिकारों का हनन हो सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार महिला आरक्षण की बात करती है, वह मणिपुर की महिलाओं की स्थिति पर अब तक संवेदनशील नहीं दिखी। साथ ही छत्तीसगढ़ की रसोइया महिला कर्मचारियों की मांगों को लेकर भी सरकार की उदासीनता पर सवाल खड़े किए।
### ⚖️ समान आरक्षण की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में है, लेकिन सभी वर्गों की महिलाओं को समान और सम्मानजनक आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे गठबंधन (INDIA Alliance) के साथ इस मुद्दे पर खड़ी है।
### 🔥 बीजेपी पर राजनीतिक हमला
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रही है। साथ ही कहा कि बीजेपी द्वारा निकाली जा रही जनआक्रोश यात्राएं भी जनता के बीच प्रभाव नहीं छोड़ पा रही हैं और फ्लॉप साबित हो रही हैं।
👉 कुल मिलाकर, महिला आरक्षण विधेयक को लेकर खैरागढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जहां कांग्रेस ने बीजेपी की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़े किए हैं।


