खैरागढ़। छुईखदान ब्लॉक अंतर्गत कोहलाटोला से गठबंजा तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा मार्ग पर केवल गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क महज छह माह में पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
ग्रामीण कई बार कलेक्टर और विधायक को आवेदन सौंप चुके हैं, बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिले में नियमित रूप से समय-प्रबंधन बैठकों में लंबित कार्यों की समीक्षा और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनका पालन नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जारी पुराना टेंडर निरस्त कर दिया गया है और नया टेंडर प्रक्रिया में है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि जिले में कई विभागों में डिफॉल्टर ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं होने से जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है।
कोहलाटोला के सरपंच दीप सिंह नेताम, भगवती राम नेताम, तथा गठबंजा के सावंत राम धुर्वे, नारद कंवर, भारत राम नेताम, राजकुमार कंवर, उतरा कंवर, रमेश नेताम, पंचराम नेताम, पीतांबर कंवर, सियाराम धुर्वे, हीरालाल नेताम, झनक राम नेताम और बिसंबर कंवर सहित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र सड़क निर्माण नहीं होने पर वे पुनः कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और आवश्यक होने पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह प्रशासनिक लापरवाही जारी रही तो जिले का विकास प्रभावित होगा।


