छुईखदान। पशुओं को बिना चारा-पानी के रस्सी से बांधकर तथा डंडे से मारते-पीटते जंगल के रास्ते महाराष्ट्र की ओर ले जाने के मामले में छुईखदान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 20 भैंस सहित मवेशियों को बरामद किया है। बरामद सभी मवेशियों को श्रीराम गौसेवा समिति छुईखदान के सुपुर्द किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल के रास्ते पैदल-पैदल मवेशियों को रस्सी से बांधकर और डंडे से मारते-पीटते हुए बिना चारा-पानी के महाराष्ट्र की ओर ले जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने माधवभट्ट जंगल के पास घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा। उनकी पहचान पीरज उईके पिता हीरालाल उईके (26 वर्ष), संदीप देहारे पिता झाडूराम देहारे (32 वर्ष) तथा राधेलाल गोड़ पिता किशन लाल गोड़ (50 वर्ष), सभी निवासी चीसटोला, पोस्ट पिपरिया, थाना साल्हेकसा, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 20 मवेशी बरामद किए। पशुओं को सुरक्षित रूप से श्रीराम गौसेवा समिति छुईखदान को सुपुर्द किया गया।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज
जांच के दौरान आरोपियों के विरुद्ध अपराध के पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर विधिवत कार्रवाई की। मामले में थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 306/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय छुईखदान में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें उपजेल सलोनी भेज दिया गया।
पूरी कार्रवाई में थाना छुईखदान पुलिस स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।



