खैरागढ़/बाज़ार अतरिया। जिले के अंतिम छोर पर स्थित बड़े जंक्शन बाज़ार अतरिया को इस बार भी प्रदेश बजट में निराशा हाथ लगी है। जहां जालबांधा और मूढ़ीपार के नवीन शासकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण हेतु एक-एक करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई, वहीं बाज़ार अतरिया के नवीन शासकीय महाविद्यालय के लिए एक भी रुपया आवंटित नहीं किया गया। तीनों स्थानों पर एक साथ महाविद्यालय की घोषणा होने के बावजूद बजट में यह असमानता क्षेत्रीय उपेक्षा का प्रश्न खड़ा कर रही है।
उल्लेखनीय है कि खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के दौरान महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद यहां नवीन शासकीय महाविद्यालय की शुरुआत हुई। किंतु आज तक भवन निर्माण नहीं होने से महाविद्यालय अपनी स्वयं की इमारत के लिए तरस रहा है। भवनाभाव के कारण विद्यार्थियों की रुचि घट रही है और अनेक छात्र-छात्राएं 15 से 20 किलोमीटर दूर अन्य महाविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। विशेषकर बालिकाओं को दूरी तय करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते बाज़ार अतरिया लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार प्रतिनिधि महाविद्यालय भवन के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत कराने ठोस पहल करेंगे या क्षेत्र को फिर इंतजार ही करना पड़ेगा।


