खैरागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जालबांधा में इन दिनों आर्थिक अनियमितताओं को लेकर माहौल गर्म है। गांव के कई वार्ड पंचों और ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को शिकायत सौंपकर सरपंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी करते हुए राशि निकाली गई। जानकारी के अनुसार नाली निर्माण एवं मरम्मत में लगभग 2.74 लाख रुपये और व्यावसायिक परिसर निर्माण में करीब 1.62 लाख रुपये का भुगतान बिना विधिवत प्रस्ताव और अधूरे कार्यों के बावजूद कर दिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की आय—जैसे दुकानों का किराया, तालाब लीज और बाजार वसूली—को पंचायत खाते में जमा नहीं किया गया, जिससे धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
13 जनवरी 2026 को तैयार जांच प्रतिवेदन में भी निर्माण कार्यों में निर्धारित लागत से अधिक भुगतान और वित्तीय प्रक्रिया में त्रुटियों की बात सामने आई है, जिससे मामले को प्रारंभिक आधार मिला है।
मामले का एक और गंभीर पहलू यह बताया गया कि सरपंच की अनुपस्थिति में उनके पति द्वारा पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप किया जा रहा है। आरोप है कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े चेक में कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए। साथ ही कुछ महिला पंचों ने दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं।
वार्ड पंचों का कहना है कि उन्हें योजनाओं की जानकारी नहीं दी जाती, जिससे पंचायत में पारदर्शिता खत्म हो रही है। इसी के चलते 18 में से 14 वार्ड पंचों ने सामूहिक रूप से सरपंच को पद से हटाने की मांग का समर्थन किया है।
शिकायतकर्ताओं में दीनदयाल सिन्हा, शारदा नेताम, दुर्पती जांगड़े, गायत्री सिन्हा, उपसरपंच हरेश वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हैं।
👉 अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।


