छुईखदान। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत विभाग की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। रामदेव फ्यूल्स के पीछे नहर से लगा हुआ खेत के बीच लगा विद्युत पोल काफी अधिक झुक चुका है और उसके सहारे विद्युत तार खिंचे हुए हैं। पोल की मौजूदा स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कभी भी धराशायी हो सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किया जाना गंभीर चिंता का विषय है।
खेत में काम करने वाले किसानों की जान पर मंडरा रहा खतरा
जिस स्थान पर विद्युत पोल झुका हुआ है, उसके आसपास खेत हैं और किसान खेती-किसानी के कार्यों के लिए लगातार यहां पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में खेतों में पानी और नमी के बीच बिजली के तारों से जुड़े किसी भी हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में यदि कमजोर पोल अचानक गिरता है अथवा विद्युत तार टूटकर नीचे आते हैं तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
पोल की हालत देखकर भी विभाग बेखबर?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्युत लाइनों और पोलों के निरीक्षण की जिम्मेदारी किसकी है? ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पोल और तारों की नियमित जांच की व्यवस्था होने के बावजूद यदि इतना झुका हुआ पोल लंबे समय तक विभाग की नजरों से बचा रहा, तो विभाग की मैदानी निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या विभाग किसी हादसे के बाद जागेगा या उससे पहले कार्रवाई करेगा? यही सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
कागजों में व्यवस्था, जमीन पर लापरवाही!
विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए समय-समय पर लाइन एवं पोलों के निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की जरूरत होती है। लेकिन मौके की तस्वीर विभागीय दावों से अलग स्थिति बयां करती नजर आ रही है। एक ओर बिजली व्यवस्था को लेकर विभाग बेहतर सेवाओं का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर खेतों के बीच झुका विद्युत पोल जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी?
यदि यह पोल गिरने से कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की होगी? क्या विभाग के पास ऐसे जोखिम वाले पोलों की पहचान और समय पर सुधार की कोई प्रभावी व्यवस्था है? ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को शिकायत या दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय स्वतः संज्ञान लेकर ऐसे पोलों को दुरुस्त करना चाहिए।
ग्रामीणों की मांग—तत्काल हो सुधार कार्य
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। झुके हुए पोल को सुरक्षित तरीके से सीधा अथवा आवश्यकतानुसार बदलवाया जाए तथा विद्युत तारों की भी जांच की जाए। साथ ही क्षेत्र में ऐसे अन्य कमजोर एवं झुके हुए पोलों का सर्वे कराकर समय रहते सुधार किया जाए।
अब देखना होगा कि इस तस्वीर के सामने आने के बाद विद्युत विभाग हरकत में आता है या फिर किसी अनहोनी का इंतजार करता है।



