👉 नाट्य विभाग के विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुति
खैरागढ़. इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में बुधवार 25 मार्च को नाट्य विभाग के विद्यार्थियों द्वारा '' नाटक की शानदार प्रस्तुति दी गई। सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा रचित नाटक 'बकरी' आजादी के बाद भारतीय राजनीति में नैतिक मूल्यों के ह्रास और अंधविश्वास पर एक तीखा व्यंग्य है। नाटक में भ्रष्ट नेता एक गरीब बुजुर्ग की बकरी को गाँधी की बकरी बताकर पूजते हैं जिससे वे जनता का शोषण करते हैं और अपने कुकर्म को छिपाते हैं।
यह नाटक छलावा और राजनीतिक हथकंडों को उजागर करता है। नाटक का निर्देशन अतिथि व्याख्याता डॉ. शिशु कुमार सिंह के द्वारा किया गया। माननीय कुलपति महोदया प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे और बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने बच्चों से अपने काम में पूर्णता लाने हेतु प्रेरित किया। अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजन यादव ने विद्यार्थियों से केवल यहीं तक सीमित न रहकर आगे बढ़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि आपका कार्य दूसरों की अपेक्षा बेहतर दिखना चाहिए। प्रो. राजन यादव ने माननीय कुलपति महोदया से नाट्य मंचन हेतु आवश्यक संसाधन प्रदान करने हेतु निवेदन किया जिसे कुलपति महोदया ने सहज स्वीकार करते हुए आवश्यक सामग्रियों की जानकारी देने की बात कही। नाट्य मंचन को सफल बनाने में छात्र कलाकार हर्ष अग्रवाल, ओमेंद्र पूरी गोस्वामी, हर्षल मेश्राम, दीपक साहू, अरविंद बसु, रुपेश तेंदुलकर, आशुतोष द्विवेदी, हर्षित डहरिया, काव्या त्रिमाले, वीरेंद्र साहू एवं किशन साहू ने बेहतर प्रस्तुति दी।


