दीनदयाल यदु
छुईखदान। कहीं शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है, तो कहीं जर्जर भवन विद्यार्थियों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। किसी विद्यालय तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को खराब सड़कों से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों की इन बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इकाई छुईखदान ने प्रशासन के समक्ष आवाज बुलंद की है।
ABVP ने जिला दंडाधिकारी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के नाम ज्ञापन सौंपकर पद्मावतीपुर, झूरानदी, खुड़मुड़ी और श्यामपुर के शासकीय विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
कहीं शिक्षक नहीं, तो कहीं भवन बना खतरा
ज्ञापन के अनुसार, पद्मावतीपुर के शासकीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की पदस्थापना की मांग की गई है। वहीं झूरानदी विद्यालय में शिक्षकों की कमी के साथ जर्जर भवन का मुद्दा भी उठाया गया है। भवन की मरम्मत और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
खुड़मुड़ी में शिक्षक संकट के साथ बदहाल सड़क की मार
खुड़मुड़ी विद्यालय में विषयवार शिक्षकों एवं आवश्यक स्टाफ की कमी को लेकर ABVP ने चिंता जताई है। इसके साथ ही विद्यालय तक पहुंचने वाला खराब और क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग भी विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते आवागमन में दिक्कतों के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
श्यामपुर स्कूल की छत से गिर रहा प्लास्टर, हादसे का खतरा
श्यामपुर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की जर्जर छत को लेकर ज्ञापन में गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। संगठन के अनुसार, छत से प्लास्टर और छत के टुकड़े गिर रहे हैं। कुछ दिन पूर्व छत का एक हिस्सा गिरने की घटना का भी उल्लेख किया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय का संचालन फिलहाल सामुदायिक भवन में किए जाने की बात सामने आई है।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक विद्यार्थी सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल के इंतजार में रहेंगे? स्कूलों की बुनियादी समस्याओं का समाधान कब होगा?
निरीक्षण से लेकर मरम्मत तक, ABVP ने रखीं मांगें
ABVP ने प्रशासन से संबंधित विद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कराने, शिक्षकों एवं आवश्यक स्टाफ की कमी दूर करने, जर्जर भवनों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराने तथा खराब सड़क मार्गों का शीघ्र सुधार करने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को इन समस्याओं से राहत मिल सके।



