खैरागढ़। जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय संगठन के महिला विंग नार्थ जोन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रानी राजलक्ष्मी तिवारी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है, जिस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए शासन-प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी आगे आना होगा।
रानी राजलक्ष्मी तिवारी ने जनमानस से अपील करते हुए कहा कि बाइक चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही वाहन का बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) आदि दस्तावेज समय-समय पर अपडेट कराना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क हादसे नशे की वजह से हो रहे हैं। नशे की हालत में वाहन चलाने से दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है, जो चिंता का विषय है।
सुश्री तिवारी ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए ग्राम पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि गांवों में भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए ग्राम पंचायतों के सरपंच आगे आएं और मुख्य मार्गों पर लोहे के बैरियर या स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे दो बार जनपद पंचायत खैरागढ़ को पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन इस पहल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जनपद स्तर पर सभी सरपंचों की बैठक आयोजित कर इस गंभीर विषय पर विस्तृत चर्चा की जानी चाहिए।
रानी राजलक्ष्मी तिवारी ने कहा कि उन्होंने स्वयं कई सड़क दुर्घटनाओं को प्रत्यक्ष देखा है, जिससे वे हतप्रभ और व्यथित हैं। उन्होंने पुनः प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि गांव-गांव की सड़कों पर स्पीड स्टॉपर और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।


