राजनांदगांव ! DNnews -हीट वेव जिसे सामान्य भाषा में लू चलना कहा जाता है। जब वातावरण का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या 104 डिग्री फॉरेन्हाइट से ज्यादा हो तो हीट वेव की स्थिति उत्पन्न होती है। इसका असर बच्चों, बुुजुर्गों एवं कोमार्बिड लोगों में सर्वाधिक होता है। हमारे शरीर के टेम्परेचर रेग्यूलेशन (तापमान नियंत्रण) मस्तिष्क के हाईपोथलेमस भाग से होता है। जब वातावरण का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या 104 डिग्री फॉरेन्हाइट से अधिक हो जाता है। तब टेम्परेचर रेग्यूलेशन तंत्र प्रभावित होता है। परिणाम स्वरूप तब हीट स्ट्रोक की स्थिति उत्पन्न होती है।
Loading...


